राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद हिरासत में लिए गए; मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बढ़ा विरोध
दैनिक खबरनामा नई दिल्ली, 6 अक्टूबर : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत कई नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया और बाद में किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस थाने ले जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
विपक्षी दलों का यह मार्च चुनाव आयोग के फैसलों में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा को लेकर आयोजित किया गया था। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
2 अक्टूबर से शुरू हुआ विरोध
एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन 2 अक्टूबर से शुरू किए गए हैं। मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी विपक्षी दलों ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च निकाला था।
चुनाव आयोग ने बैठक को लेकर दी सफाई
विपक्षी सांसदों के धरने के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए अनुरोध नहीं किया गया था। आयोग ने संसद भवन एनेक्सी में बैठक आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई।
आयोग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के डीसीपी से जानकारी मिलने पर पता चला कि करीब 240 सांसदों के साथ बैठक प्रस्तावित थी। आयोग ने कहा कि ऐसी बैठकों के लिए सामान्य प्रोटोकॉल के तहत निर्वाचन आयोग परिसर को ही उपयुक्त स्थान माना जाता है।
पुलिस ने अनुमति नहीं लेने का किया दावा
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात जारी बयान में कहा कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्षी सांसदों के संसद से सुबह करीब 10:30 बजे मार्च निकालने की जानकारी मिली थी। पुलिस के अनुसार, मार्च के लिए कोई अनुमति आवेदन नहीं दिया गया था।
पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग पार कर ली और नीति आयोग के पास लगी दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। पुलिस ने बार-बार घोषणा कर लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक हटने की अपील की। पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे।
भाजपा ने प्रदर्शन को बताया राजनीतिक ड्रामा
विपक्ष के प्रदर्शन पर भाजपा ने निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से स्थापित करने का प्रयास बताया। उन्होंने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।