दैनिक खबरनामा। जम्मू/लेह, 9 जून: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने लद्दाख के तीन दिवसीय दौरे के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, सैन्य तैयारियों और रणनीतिक आधारभूत ढांचे की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC), नियंत्रण रेखा (LoC) तथा सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र की परिचालन स्थिति का जायजा लिया और सैनिकों की तैनाती, रसद आपूर्ति तथा बुनियादी ढांचा विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
रक्षा सचिव ने लेह स्थित सेना की 14 कोर मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों की परिचालन क्षमता, आपूर्ति प्रणाली और रणनीतिक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सैनिकों की दीर्घकालिक तैनाती को और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दौरे के दौरान राजेश कुमार सिंह ने अग्रिम चौकियों का दौरा कर चीन सीमा से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान सीमा से सटे नियंत्रण रेखा क्षेत्रों के साथ-साथ सियाचिन ग्लेशियर के सुरक्षा हालात का भी आकलन किया। उन्होंने वहां तैनात जवानों से मुलाकात कर उनकी चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
रक्षा सचिव ने अत्यधिक ऊंचाई, कठिन मौसम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे सैनिकों के साहस, अनुशासन और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उन्होंने जवानों के उच्च मनोबल की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि वे पूरी सतर्कता और समर्पण के साथ राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व निभाते रहेंगे।
दौरे के दौरान सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पुल, संचार नेटवर्क, आवासीय सुविधाओं और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। रक्षा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आधारभूत ढांचा विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
इसके अलावा उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, सर्दियों में रसद आपूर्ति, आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता का भी आकलन किया, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।