चंडीगढ़, 29 अप्रैल 2026 छत्तबीड़ चिड़ियाघर में उस समय खुशियों का माहौल बन गया, जब सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने नाजुक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण मुलाकात की। बच्चों ने चिड़ियाघर का आनंद लिया और मंत्री के साथ समय बिताते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। मंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल पारिवारिक बन गया।डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि “प्रोजेक्ट मुस्कुराहट” केवल एक योजना नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए नई उम्मीद है, जिन्होंने कोविड-19, बाढ़ या अन्य आपदाओं में अपने अभिभावकों को खो दिया। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा अपने सपनों से वंचित न रहे।उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और कौशल विकास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर 10 लाख रुपये की सहायता, हर साल 20,000 रुपये शिक्षा के लिए और बालिग होने तक 4,000 रुपये मासिक सहायता प्रदान की जा रही है।मंत्री ने बताया कि योजना को पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अहम भूमिका है। आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से 43 बच्चे अनाथ हुए और 4 बच्चे बाढ़ से प्रभावित हुए, जिनमें से अधिकांश को योजना का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद बच्चे को इस योजना के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उन्हें सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य मिल सके।