दैनिक खबरनामा 27 अप्रैल 2026 भ्रष्टाचार मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंडीगढ़ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।ईडी ने धारा 17 के तहत चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली। ये स्थान भुल्लर, उनके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। एजेंसी का मकसद अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना है।
इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की छापेमारी में भुल्लर के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद हुआ था। बरामदगी में करीब ₹7.36 करोड़ कैश, 2.5 किलो सोना, लगभग ₹2.32 करोड़ के चांदी के आभूषण, 26 लग्जरी घड़ियां (रोलेक्स और राडो जैसे ब्रांड), 50 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज, लग्जरी कारें, हथियार और विदेशी शराब शामिल थे।
मामले में दो दिन पहले चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने CBI को नई प्रारंभिक जांच शुरू करने की अनुमति भी दी है, जिसमें कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है। एजेंसी को मिली डायरी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत एक बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 को भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, हालांकि उन्हें दो महीने बाद दोबारा हाई कोर्ट जाने की छूट दी गई है।भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को CBI ने मोहाली से गिरफ्तार किया था। उन पर एक कारोबारी से रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है, जिसके तहत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।