डीए और पुरानी पेंशन योजना को लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए सवाल, बोले—कांग्रेस कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी
दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 17 अगस्त: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सरकारी कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने और उनकी आवाज दबाने के लिए सरकारी ताकत के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ‘कांग्रेस के योद्धाओं’ के साथ संवाद के दूसरे सेशन में वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार पर कर्मचारियों से किए वादे पूरे न करने को लेकर तीखा हमला बोला।
वड़िंग ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) देने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने के मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य के पास पर्याप्त धन होने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को डीए देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं होने की बात कही जाती है।
डीए के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें कर्मचारियों के डीए से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया गया है। वड़िंग ने कहा कि सरकार विज्ञापनों पर कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर सकती है, लेकिन कर्मचारियों के जायज डीए के भुगतान के लिए पैसे की कमी बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वड़िंग के मुताबिक, सत्ता में आने से पहले आप ने सरकारी कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन वादों को भुला दिया गया।
‘चार लाख परिवारों पर पड़ा असर’
वड़िंग ने दावा किया कि डीए का भुगतान नहीं होने से करीब चार लाख परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनका जायज हक मिलना चाहिए और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने किसान, मजदूर, सफाई कर्मचारी, शिक्षक और पीएसपीसीएल कर्मचारियों समेत विभिन्न वर्गों की आवाज को दबाने के लिए कथित तौर पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया है।
पुरानी पेंशन योजना पर भी सवाल
राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले ओपीएस लागू करने का वादा किया था और बाद में इसका नोटिफिकेशन भी जारी किया गया, लेकिन कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ अब तक नहीं मिल पाया।
उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हिमाचल प्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना लागू की थी। उन्होंने सवाल किया कि पंजाब में आप सरकार ने अपने वादे को जमीन पर लागू क्यों नहीं किया।
‘जनता ने बदलाव के लिए चुना था’
वड़िंग ने केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आप सरकार पर विपक्ष तथा विभिन्न वर्गों के खिलाफ कथित तौर पर सत्ता और पुलिस बल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों का काम लोगों की आवाज सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है, न कि विरोध करने वालों को दबाना।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने उन्हें मंच से लोगों का मनोरंजन करने या दूसरों का मजाक उड़ाने के लिए नहीं चुना था। जनता ने बदलाव के वादे पर उन्हें सत्ता सौंपी थी।
वड़िंग ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ‘कांग्रेस के योद्धाओं’ से अपील की कि वे आम आदमी पार्टी सरकार की कथित विफलताओं और कर्मचारियों के मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के कर्मचारियों और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।