दैनिक ख़बरनामा 12 मई 2026 बोले- पंजाब की सहमति बिना कार्रवाई असंवैधानिक, दूसरी FIR दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांतों के खिलाफ पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सीबीआई कार्रवाई को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने याचिका दायर कर केंद्र और केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए हैं।
याचिका में भुल्लर ने कहा कि वह 1993 बैच के पंजाब पुलिस अधिकारी रहे हैं और वर्ष 2015 में उन्हें आईपीएस पदोन्नति मिली थी। उन्होंने अदालत को बताया कि अक्टूबर 2023 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया था।
इसके बावजूद अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने कथित रिश्वत शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ में अलग एफआईआर दर्ज कर ली। भुल्लर का कहना है कि जिन घटनाओं को आधार बनाकर मामला दर्ज किया गया, वे पंजाब और पंजाब पुलिस से संबंधित थीं।याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने 6 नवंबर 2020 को दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (DSPE) को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली थी। ऐसे में सीबीआई को पंजाब से जुड़े मामलों में स्वत जांच करने का अधिकार नहीं था।
भुल्लर ने अदालत से मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर, गिरफ्तारी, रिमांड और आगे की पूरी कार्रवाई को कानूनन शून्य घोषित किया जाए। साथ ही एफआईआर रद्द करने, जांच पर रोक लगाने और अंतरिम राहत देने की अपील भी की गई है।याचिका में यह भी कहा गया है कि समान तथ्यों पर दूसरी एफआईआर दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ है। आरोप लगाया गया है कि पहले ट्रैप केस और बाद में आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने पंजाब विजिलेंस की कार्रवाई के समानांतर जांच शुरू कर संघीय ढांचे का उल्लंघन किया।