दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़ 26 मई : पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को कथित बूथ कैप्चरिंग टिप्पणी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जनहित याचिका को खारिज करते हुए उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला नगर निकाय चुनावों के दौरान कथित बूथ कैप्चरिंग संबंधी बयान से जुड़ा हुआ था। बाजवा ने अदालत में याचिका दाखिल कर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल व स्वतंत्र पर्यवेक्षक तैनात करने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य आया कि याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ दर्ज लंबित एफआईआर की जानकारी अदालत से छिपाई थी। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि जनहित याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति से पूरी पारदर्शिता अपेक्षित होती है।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने टिप्पणी की कि अदालत में तथ्यों को छिपाना स्वीकार्य नहीं है। हालांकि अदालत ने बाजवा को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी, लेकिन साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि जनहित याचिका में सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा करना अनिवार्य होता है। अदालत ने इसी आधार पर याचिका को निरस्त कर दिया।
इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।