दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़ 26 मई: हरियाणा सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाले सरकारी नौकरी आरक्षण नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई नीति के तहत अब पूर्व सैनिकों और उनके परिवार को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ केवल एक बार ही दिया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि कोई पूर्व सैनिक स्वयं सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ ले चुका है, तो उसके बच्चों या अन्य आश्रितों को उसी आधार पर दोबारा आरक्षण नहीं मिलेगा। इसी प्रकार यदि परिवार का कोई सदस्य अनुकंपा आधार पर नौकरी प्राप्त कर चुका है, तो अन्य सदस्यों को इस श्रेणी में लाभ नहीं दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेना से सेवानिवृत्त या सेवा से मुक्त किए गए जवान और अधिकारी दूसरी सरकारी नौकरी के लिए आरक्षण के पात्र नहीं होंगे। हालांकि उन्हें आयु सीमा में निर्धारित छूट मिलती रहेगी।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अलग मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। भर्ती एजेंसियों को पूर्व सैनिकों और आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों का अलग रिकॉर्ड रखने को कहा गया है ताकि नियमों का सही पालन हो सके।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सभी विभागों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई नीति का उद्देश्य आरक्षण के लाभ को अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना बताया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर करने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक संतुलित बनाने के लिए लिया गया है।