दैनिक खबरनामा। शिमला, 10 जून: ऐसे समय में जब अधिकांश लोग अपनी जमा-पूंजी को सुरक्षित रखने और बढ़ाने में लगे रहते हैं, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से मानवता, परोपकार और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। कुनिहार निवासी 86 वर्षीय राज कुमार ने अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है।
शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आर्टरैक) से लिपिक (क्लर्क) पद से सेवानिवृत्त राज कुमार ने बुधवार को लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को 26 लाख रुपये की धनराशि दान स्वरूप भेंट की। यह राशि रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपी गई है, जिसका उपयोग जरूरतमंदों, असहाय लोगों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।
राज कुमार के इस अनुकरणीय और निस्वार्थ योगदान की सराहना करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी और शाल भेंट कर सम्मान व्यक्त किया तथा उनके समाजसेवी जज्बे को प्रेरणास्रोत बताया।
राज्यपाल ने कहा कि राज कुमार का यह कदम पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि सेवा और परोपकार के लिए धन-दौलत या बड़े पद की नहीं, बल्कि बड़े और संवेदनशील हृदय की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि जीवनभर की कमाई को समाज के हित में समर्पित करना असाधारण त्याग और मानवता का परिचायक है।
एक साधारण सरकारी कर्मचारी के रूप में सेवा देने वाले राज कुमार ने अपने इस कार्य से साबित कर दिया कि सच्ची संपत्ति दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और समाज में सेवा, करुणा तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करेगा।
राज कुमार की यह पहल न केवल जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाएगी, बल्कि यह भी संदेश देगी कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से अधिक बड़े दिल की आवश्यकता होती है।