
दैनिक खबरनामा| ब्यूरो,चंडीगढ़, 11 जून 2026. पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र कर्मचारियों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए रोस्टर रजिस्टर प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। आयोग ने संबंधित विभागों को रोस्टर रजिस्टर जांच समितियों के सदस्यों का प्रशिक्षण जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पदोन्नति मामलों में किसी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति न रहे।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए रोस्टर प्रणाली का सही ढंग से पालन बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नियमों और कानूनी प्रावधानों के प्रति स्पष्टता सुनिश्चित की जाए।
गढ़ी ने बताया कि पुलिस विभाग को भी उप कप्तान और कप्तान स्तर के अधिकारियों के लिए एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम संबंधी विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा गया है। उनका कहना था कि इससे शिकायतों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनेगी तथा पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में नए अंबेडकर भवनों के निर्माण तथा पहले से संचालित भवनों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि जहां अभी तक अंबेडकर भवन स्थापित नहीं हो सके हैं, वहां भूमि और वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही जिन भवनों का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किया जा रहा है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने पर भी बल दिया गया।
इससे पहले आयोजित आयोग की 29वीं बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों और शिकायतों की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए और लंबित मामलों में तेजी लाई जाए।
बैठक के दौरान एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की प्रगति का भी आकलन किया गया। आयोग ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए।
इसके अलावा लुधियाना स्थित श्री रकबा साहिब, रूपनगर के श्री झांडियां धाम, श्री खुरालगढ़ साहिब तथा बलाचौर के टप्परियां खुर्द स्थित धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में आयोग के सदस्यों के अलावा पुलिस, सामाजिक न्याय, स्थानीय निकाय और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।