दैनिक खबरनामा। पुणे, 13 जून: शहर में लगातार घटते जल भंडार और मानसून की अनिश्चितता के बीच पुणे नगर निगम (PMC) ने पानी की आपूर्ति को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। नगर निगम ने घोषणा की है कि 15 जून से पूरे पुणे शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति (Alternate Day Water Supply) की जाएगी।
नगर निगम का कहना है कि यह कदम उपलब्ध जल संसाधनों के संरक्षण और आगामी महीनों के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
महापौर मंजुषा नागपुरे के अनुसार, खड़कवासला बांध श्रृंखला में जलस्तर लगातार गिर रहा है। वर्तमान में जलाशयों में केवल 5.03 टीएमसी (हजार मिलियन घन फीट) पानी शेष है, जिसमें से करीब 3 टीएमसी पानी ही शहर के उपयोग के लिए उपलब्ध है।
जल संकट से निपटने के लिए PMC ने शहर में प्रतिदिन दी जाने वाली पानी की आपूर्ति को 1,600 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) से घटाकर लगभग 1,100 एमएलडी करने का फैसला किया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे उपलब्ध जल भंडार को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
इसके साथ ही नगर निगम ने पेयजल के गैर-जरूरी उपयोग पर भी सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। वाहनों की धुलाई, बगीचों की सिंचाई, स्विमिंग पूल भरने और निर्माण कार्यों में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
नई जलापूर्ति व्यवस्था का असर शहर के कई प्रमुख इलाकों पर पड़ेगा। इनमें शिवाजीनगर, औंध, बानेर, बालेवाड़ी, बावधन, पाषाण और कर्वेनगर सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में अब निर्धारित रोस्टर के अनुसार एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जाएगी।
हालांकि, नागरिकों को राहत देने के लिए नगर निगम ने जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जल संरक्षण में सहयोग दें।
जल भंडार में लगातार गिरावट के बीच PMC का यह फैसला पुणे के लाखों नागरिकों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है।