दैनिक खबरनामा | 13 जून, 2026 नई दिल्ली: 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग के निर्देश दिए हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाई जा सके।
यात्रा मार्ग, शिविर स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को संभावित खतरों पर तुरंत कार्रवाई के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर आधुनिक स्क्रीनिंग उपकरण तैनात करने की तैयारी की है। विस्फोटक पहचान प्रणाली, एक्स-रे स्कैनर, मेटल डिटेक्टर और अन्य उन्नत उपकरणों के जरिए हर स्तर पर सुरक्षा जांच सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, यात्रा से जुड़े कर्मचारियों और विक्रेताओं के लिए क्यूआर-कोड आधारित डिजिटल पहचान प्रणाली लागू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था अनधिकृत व्यक्तियों की पहचान करने और सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी।
गृह मंत्री ने मौसम की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा और सुविधाओं के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा अनुभव प्रदान किया जाएगा।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया तथा तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।