पंजाब की मौजूदा समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए: राजा वड़िंग
दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 21 जून : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह के दौर को पुनः स्थापित करने की बात कही थी। वड़िंग ने इसे “खोखला सपना” करार देते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को इतिहास की नहीं, बल्कि वर्तमान समस्याओं के समाधान की आवश्यकता है।
रविवार को जारी बयान में वड़िंग ने कहा कि पंजाब इस समय कृषि संकट, बढ़ती बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, नशाखोरी और गैंगस्टर संस्कृति जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में लोगों को ऐतिहासिक दौर की पुनर्स्थापना के सपने दिखाने के बजाय इन ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल को पुनर्जीवित करने जैसी बातें न तो ऐतिहासिक दृष्टि से संभव हैं और न ही वर्तमान भौगोलिक परिस्थितियों में व्यावहारिक हैं। वड़िंग ने कहा कि पंजाब के लोग इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाज़ी से प्रभावित नहीं होते, क्योंकि उनकी प्राथमिकता अपने जीवन और आजीविका से जुड़े वास्तविक मुद्दों का समाधान है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा नेतृत्व से आग्रह किया कि वह पंजाब के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर स्पष्ट रुख अपनाए और यह भरोसा दिलाए कि केंद्र सरकार राज्य के हितों की रक्षा और विकास के लिए हर संभव सहयोग करेगी, चाहे राज्य में किसी भी दल की सरकार क्यों न हो।
वड़िंग ने कहा कि यदि पंजाब की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य में भाजपा सरकार का गठन आवश्यक शर्त है, तो प्रदेश को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि निकट भविष्य में भाजपा के पंजाब में सत्ता में आने की संभावना नहीं है और राज्य की जनता इस राजनीतिक वास्तविकता से भली-भांति परिचित है।
भाजपा में हाल ही में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस नेताओं का उल्लेख करते हुए वड़िंग ने पार्टी की संगठनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के वर्तमान और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही कांग्रेस पृष्ठभूमि से आते हैं, जो इस बात का संकेत है कि पार्टी को राज्य में अपने नेतृत्व के लिए बाहरी नेताओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
वड़िंग के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब दोनों दल राज्य में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।