दैनिक खबरनामा| फरीदकोट, 23 जून 2026.पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि बादल परिवार और अकाली नेतृत्व द्वारा पंजाब और उसके लोगों के साथ किए गए कथित विश्वासघात के हर अध्याय को जनता के सामने लाया जाएगा और दोषियों को उनके कर्मों की मिसाली सजा मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपा, राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और अपने लंबे शासनकाल में पंजाब को नशे और बेरोजगारी की ओर धकेला।

फरीदकोट जिले के गांव पंजगराईं कलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश को नशा मुक्त, शिक्षित और समृद्ध बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि मौजूदा सरकार पारदर्शी भर्ती, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राज्य की तस्वीर बदल रही है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बादल परिवार ने हमेशा निजी हितों को प्रदेश के हितों से ऊपर रखा और राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार अपना रुख बदला। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर अकाली नेतृत्व ने पहले केंद्र सरकार का समर्थन किया और बाद में जनता के विरोध को देखकर अपना रुख बदल लिया। उन्होंने दावा किया कि लोगों ने अकालियों को सत्ता सौंपी, लेकिन उन्होंने हर बार पंजाब के हितों के साथ समझौता किया।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली शासन के दौरान नशा तस्करी को संरक्षण मिला, जिससे प्रदेश की कई पीढ़ियां प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक ओर नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता के साथ दी गई हैं और भ्रष्टाचार तथा सिफारिश के दौर का अंत किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर उसका नाम श्री गुरु मरदास जी के नाम पर रखकर नया इतिहास रचा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की अपनी तरह की पहली व्यापक स्वास्थ्य योजना है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को आर्थिक सहायता संबंधी संदेश भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सीधे बैंक खातों में भेजे जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और इससे राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026 लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून भविष्य में बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकने में प्रभावी साबित होगा और समाज विरोधी तत्वों के लिए कड़ा संदेश बनेगा।
इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।