दैनिक खबरनामा । मुंबई, 4 जुलाई: रोज करोड़ों लोगों को सफर कराने वाली मुंबई लोकल को और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे पुलिस ने बड़ा निर्णय लिया है। अब लोकल ट्रेनों में किसी भी तरह के नुकीले हथियार या धारदार औजार लेकर चढ़ना मना होगा।
यह नियम बोरिवली में हुई मयंक लोहार की हत्या की घटना के बाद लागू किया गया है। उस घटना के बाद पुलिस ने भीड़ वाली ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर समीक्षा की और तुरंत पाबंदी लगाने का फैसला लिया।
कामकाजी लोगों से अपील
रेल पुलिस ने उन लोगों से अनुरोध किया है जो रोजमर्रा के काम में ऐसे उपकरण इस्तेमाल करते हैं। पुलिस का कहना है कि बढ़ई, लोहार, निर्माण मजदूर, मछली बेचने वाले और दिहाड़ी मजदूर जैसे लोग अपने चाकू, कटर, दरांती और अन्य धारदार सामान को हो सके तो ऑफिस या कार्यस्थल पर ही छोड़ दें। यात्रा के समय इन्हें साथ न लाएं।
अधिकारियों के अनुसार मुंबई लोकल में हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं। पीक आवर में जबरदस्त भीड़ होती है। ऐसे में किसी के बैग में रखा धारदार सामान गलती से चोट पहुंचा सकता है या उसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
रेल पुलिस ने साफ किया कि यह प्रतिबंध किसी एक समुदाय या पेशे के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद सिर्फ आम यात्रियों की जान-माल की रक्षा करना है।
मेडिकल छात्रों के लिए हो सकता है इंतजाम
डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए सर्जिकल औजार और डिसेक्शन किट ले जानी पड़ती है। ऐसे छात्रों को लेकर पुलिस और संबंधित विभाग मिलकर रास्ता निकाल रहे हैं। संभावना है कि वैध पहचान पत्र दिखाने पर उन्हें सीमित छूट दी जा सकती है।
सुरक्षा को लेकर सख्ती
पिछले कुछ समय में लोकल में बढ़ती भीड़, यात्रियों के बीच झगड़े और अन्य सुरक्षा घटनाओं को देखते हुए रेलवे पुलिस पहले से ही निगरानी बढ़ा रही है। धारदार वस्तुओं पर लगी रोक इसी कड़ी का हिस्सा है। रेल पुलिस और आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि वे नए नियम का पालन करें। ट्रेन में कोई संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध सामान दिखे तो तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि हर किसी को सुरक्षित और बिना डर के सफर मिले, इसके लिए यात्रियों का सहयोग जरूरी है।