दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 4 जुलाई 2026. पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए पिछले एक वर्ष में 729 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राज्यभर में प्रत्येक जिला और पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर स्थापित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों के जरिए ऑनलाइन ठगी और संगठित साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान 956 एफआईआर दर्ज कर सैकड़ों लोगों की मेहनत की कमाई को साइबर ठगों से बचाने में सफलता हासिल की गई।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की साइबर अपराध से निपटने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया है। राज्यभर में लगभग 657 नागरिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने और किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर देने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने कहा कि मई 2025 से वी. नीरजा के नेतृत्व वाली राज्य साइबर अपराध शाखा ने 57 एफआईआर दर्ज कर 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये मामले अत्याधुनिक तकनीक और बड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े थे।
जिला और कमिश्नरेट स्तर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने सबसे अधिक 181 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि खन्ना, एसएएस नगर, कपूरथला, पटियाला, पठानकोट और मलेरकोटला सहित अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
राज्य साइबर अपराध शाखा ने अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोहों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों में संचालित साइबर ठगी केंद्रों में फंसे भारतीयों के मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि ट्रैवल एजेंटों और प्लेसमेंट कंसल्टेंटों के जरिए लोगों को विदेश भेजकर साइबर ठगी के नेटवर्क में धकेला जा रहा था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर भी पुलिस ने शिकंजा कसते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 23 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, फर्जी बैंक एवं केवाईसी दस्तावेज, 14 चेक बुक, उद्योग प्रमाणपत्र, छह मोहरें, 5,100 यूएसडीटी मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी तथा बैंक खातों में जमा 20 लाख रुपये बरामद किए गए। मई 2025 के बाद राज्यभर में ऐसे गिरोहों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज कर पांच मॉड्यूल ध्वस्त किए गए।
कपूरथला में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भी पर्दाफाश किया, जहां से अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाकर बिटकॉइन और हवाला के जरिए धन की ठगी की जा रही थी।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए आधुनिक तकनीक, प्रभावी जांच और जन-जागरूकता के माध्यम से लोगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।