दैनिक खबरनामा | फिल्लौर, 18 अगस्त 2026. पंजाब पुलिस के 134 वर्ष पुराने प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में आज लिंग संवेदनशीलता परियोजना ‘पंजाब पुलिस में महिलाओं का मुख्यधारा में समावेश’ के तीसरे चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के सत्यापन के लिए पंजाब पुलिस के सांझ मंच पर ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल भी शुरू किया गया।
परियोजना के तहत राज्यभर में तीन चरणों में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से 1,500 से 2,000 पुलिस कर्मियों को लिंग-संवेदनशील, अधिकार-आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग से जुड़ी आवश्यक समझ एवं कौशल प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और समाज के अन्य संवेदनशील वर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ संभालने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों, एक समान प्रशिक्षण मॉड्यूल और निरंतर तकनीकी सहयोग की व्यवस्था की गई है। इस पहल में सामुदायिक मामलों के प्रभाग, हार्टेक फाउंडेशन और जे-पाल दक्षिण एशिया का तकनीकी सहयोग भी प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि नागरिकों की गरिमा, अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी उसका अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।
इस पहल का उद्देश्य पंजाब पुलिस के जवानों को महिलाओं, बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हुए ऐसी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना है, जो प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मान, सहानुभूति और न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करे।
पंजाब पुलिस ने कहा कि एक वास्तविक जन-केंद्रित पुलिस बल वही है जो संवेदनशील, समावेशी और नागरिकों की जरूरतों के प्रति तत्पर हो। इसी उद्देश्य के साथ पंजाब पुलिस द्वारा पुलिसिंग व्यवस्था में संवेदनशीलता और समावेशिता को और मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी हैं।