दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 26 सितंबर: पंजाब में सरकारी आवासों के आवंटन और उन पर कब्जे को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है।
वडिंग ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ में कई मंत्री आवासों पर ऐसे लोग रह रहे हैं, जिनके नाम पर वे आवास आवंटित ही नहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री सभी सरकारी बंगले खाली करवाएं और अवैध रूप से रह रहे लोगों से पिछले मामलों की तरह जुर्माने के तौर पर पेनल रेंट वसूला जाए।
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी की नेता गायत्री बिश्नोई द्वारा कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इस तरह की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मंत्रियों के नाम पर आवंटित घरों में दूसरे लोग कैसे?
वडिंग ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि मंत्रियों के नाम पर आवंटित हुए सरकारी मकानों में बाहरी व्यक्ति किस आधार पर रह रहे हैं। उन्होंने कई सरकारी आवासों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें दीपक चौहान, कमल बंसल, अनुराग कुंडू, आदिल खान, शांति सिंह, जरनैल सिंह, मनीष सिसोदिया की टीम और गायत्री बिश्नोई व उनके माता-पिता के रहने की बात सामने आ रही है।
कांग्रेस प्रधान ने कहा कि अगर गायत्री बिश्नोई के पिता के इलाज के लिए सरकारी आवास दिया गया है, तो पंजाब से इलाज के लिए चंडीगढ़ आने वाले अन्य मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी सुविधा क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित पंजाब भवन के कमरों के साथ-साथ कपूरथला हाउस, नाभा हाउस और सर्किट हाउस का भी कथित तौर पर गलत इस्तेमाल हो रहा है।