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दैनिक खबरनामा | 22 अक्टूबर | कीव। रूस और यूक्रेन के बीच ढाई साल से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संघर्ष विराम को लेकर अहम संकेत दिए हैं। उन्होंने मौजूदा मोर्चे की स्थिति को स्थिर रखने की संभावना पर सहमति जताई है। इसका अर्थ है कि रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को लेकर फिलहाल सैन्य स्थिति में बदलाव किए बिना युद्ध रोकने का प्रयास किया जा सकता है। दूसरी ओर, रूस की ओर से बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की तैयारियों की खबरों ने तनाव बढ़ा दिया है।

75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र सुरक्षित रहने पर शांति समझौते को मंजूरी

फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या वे ऐसे शांति समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसके तहत मौजूदा फ्रंट लाइन को स्थिर रखा जाए और यूक्रेन का लगभग 75 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र उसके नियंत्रण में बना रहे। इस पर उन्होंने सहमति जताई।

जेलेंस्की के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में मोर्चे की स्थिति को स्थिर करना युद्धविराम की दिशा में सबसे व्यावहारिक विकल्प है। उन्होंने इसे संघर्ष रोकने का प्रभावी रास्ता बताया। साथ ही, उन्होंने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन, अमेरिका और रूस के बीच त्रिपक्षीय कूटनीतिक वार्ता के लिए तैयार है।

रूस की तैयारी से बढ़ी चिंता, हजारों ड्रोन भी तैयार

यूक्रेन की ओर से शांति की संभावनाएं तलाशने के बीच रूस की सैन्य तैयारियों को लेकर चिंताजनक दावे सामने आए हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने लगभग 700 बैलिस्टिक मिसाइलें और 6,000 से अधिक हमलावर ड्रोन जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि मॉस्को हर महीने करीब 10,000 ड्रोन का उत्पादन कर रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, रूस की रणनीति यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को कमजोर करने और उसके ठिकानों पर लगातार मिसाइल व ड्रोन हमले जारी रखने की है। इससे यूक्रेन के सैन्य प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

निप्रोपेत्रोवस्क और डुबनो में हमले, ऊर्जा ढांचे को नुकसान

पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान रूस ने यूक्रेन के निप्रोपेत्रोवस्क और डुबनो में हवाई हमले किए। गाइडेड बमों और मिसाइलों से किए गए हमलों के दौरान डुबनो स्थित एपिसेंटर शॉपिंग सेंटर बुरी तरह तबाह हो गया और वहां आग लग गई। रूस का दावा है कि इस कार्रवाई में यूक्रेन के एक लॉजिस्टिक्स केंद्र को निशाना बनाया गया था।

रूसी हमलों से यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अब तक लगभग 15 ऊर्जा सुविधाएं नष्ट हो चुकी हैं।

यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई, रूसी ठिकानों पर ड्रोन हमले

रूस के हमलों के जवाब में यूक्रेनी सेना ने भी कार्रवाई तेज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले डोनेस्क क्षेत्र और ताम्बोव स्थित निकोल्स्कोये मुख्य तेल पंपिंग स्टेशन को निशाना बनाते हुए कई घंटों तक ड्रोन हमले किए।

एक ओर जेलेंस्की संघर्ष विराम और कूटनीतिक बातचीत के जरिए युद्ध रोकने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियां जारी रहने से शांति की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।

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