दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 26 अक्टूबर: जिला अदालत परिसर की तीसरी मंजिल पर सोमवार दोपहर यादव कैंटीन के संचालक ने जहर निगल लिया। गंभीर हालत में उन्हें सेक्टर-32 के अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 57 वर्षीय राम मिलन यादव के रूप में हुई है।
उनके बेटे अनिल यादव ने जिला अदालत में चैंबर नंबर 324 के मालिक वकील एसपी बंसल पर पिता को अपमानित करने का आरोप लगाया है। इस मामले में सेक्टर-36 थाना पुलिस को शिकायत दी गई है। मलोया निवासी अनिल यादव के अनुसार सोमवार को जिला अदालत में छुट्टी थी।
अनिल के मुताबिक उनके पिता सोमवार को कैंटीन में बनने वाले खाने की तैयारी के लिए दोपहर करीब 2 बजे अदालत परिसर पहुंचे थे। उस वक्त अनिल उनके साथ नहीं थे। कुछ देर बाद उन्हें जिला अदालत से एक वकील का फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके पिता कैंटीन के बाहर बेहोश पड़े हैं।
सूचना मिलते ही अनिल अदालत परिसर पहुंचे और पिता को अपनी गाड़ी से सेक्टर-32 स्थित अस्पताल ले गए। वहां उनका इलाज शुरू हुआ, लेकिन शाम को उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
बेटे ने लगाया अपमानित करने का आरोप
अनिल यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अस्पताल ले जाते वक्त उनके पिता ने घटना के बारे में बताया था कि लाल टी स्टाल से पवन चाय लेकर वकील एसपी बंसल के चैंबर में गया था। वहां किसी गलतफहमी को लेकर वकील बंसल और पवन के बीच कहासुनी हो गई।
अनिल के अनुसार उनके पिता विवाद को शांत कराने के लिए बीच में गए थे। इसी दौरान वकील ने उन्हें गाली-गलौज की। अनिल ने यह भी आरोप लगाया कि चैंबर में मौजूद वकील की बेटी को लेकर उनके पिता पर अभद्र टिप्पणी की गई।
बेटे का दावा है कि इस घटना से उनके पिता को गहरा मानसिक सदमा लगा और उन्होंने कैंटीन के अंदर जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। मृतक के बेटे ने वकील एसपी बंसल को पिता की मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।