
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा
दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026. पंजाब विधानसभा ने 13वें सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सर्वसम्मति से आठ प्रस्ताव पारित किए। इनमें पंजाब के नदी जल पर अधिकार, सिंचाई हेडवर्क्स का नियंत्रण, बांध सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करने, राजस्थान को दिए जा रहे पानी की रॉयल्टी तय करने, श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर दोबारा खोलने और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
पारित प्रस्तावों के तहत पंजाब विधानसभा के स्पीकर को सदन में विभिन्न राजनीतिक दलों की सदस्य संख्या के अनुपात को ध्यान में रखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की सीनेट के लिए दो सदस्यों को नामित करने का अधिकार देने की मांग की गई।

कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस
सदन ने यमुना नदी के पानी में पंजाब का जायज और समान हिस्सा सुनिश्चित करने तथा रूपनगर (रोपड़), हरिके और फिरोजपुर स्थित सिंचाई हेडवर्क्स का प्रबंधन, रखरखाव और संचालन पंजाब के अधीन रखने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किए। इसके अलावा बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 को निरस्त करने और राजस्थान को दिए जा रहे सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के पानी की कीमत अथवा रॉयल्टी निर्धारित करने की मांग उठाई गई।
विधानसभा ने केंद्र सरकार से उझ बहुउद्देशीय परियोजना लागू करने का अनुरोध भी किया। इसके साथ ही माधोपुर हेडवर्क्स से आगे पाकिस्तान की ओर बहकर जा रहे रावी नदी के पानी को रोकने के लिए उसे रणजीत सागर बांध की ओर मोड़ने की मांग की गई।

कैबिनेट मंत्री वरिंदर कुमार गोयल
सदन ने पंजाब सरकार की ओर से शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के समर्थन में भी प्रस्ताव पारित किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह प्रस्ताव पेश किया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जबकि नदी जल से जुड़े प्रस्ताव जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पेश किए।
आठों प्रस्तावों का सर्वसम्मति से पारित होना सत्र के अंतिम दिन की प्रमुख कार्यवाही रही।