दैनिक खबरनामा | जालंधर, 28 अक्टूबर 2026
पंजाब में पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का अपने घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता खेलने का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। पंजाब अब 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी तैयार है।

मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही छह टीमों के कप्तानों को सम्मानित किया और बांग्लादेश, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया तथा मलेशिया की टीमों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता बेहद पुराना और अटूट है। राज्य के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन, अनुशासन, त्याग और खेल भावना से भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक पंजाब ने भारतीय हॉकी को 77 ओलंपियन दिए हैं, जबकि राज्य के 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं। पंजाबी खिलाड़ी 10 बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। उन्होंने बलबीर सिंह सीनियर, उधम सिंह, पृथीपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आज भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक-2021 और पेरिस ओलंपिक-2024 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने से देश में इस खेल के प्रति उत्साह फिर बढ़ा है। दोनों टीमों में पंजाब के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी राज्य की हॉकी परंपरा को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि मौजूदा भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित आठ खिलाड़ी पंजाब से हैं।
उन्होंने 1975 में अजीत पाल सिंह की कप्तानी में भारत के विश्व कप जीतने और 2001 तथा 2016 में गगन अजीत सिंह और हरजीत सिंह के नेतृत्व में जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप जीतने में पंजाब के योगदान का भी उल्लेख किया।
जालंधर और आसपास के गांवों की हॉकी परंपरा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संसारपुर, खुुसरोपुर और मिट्ठापुर जैसे गांवों ने कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और ओलंपियन दिए हैं। इन क्षेत्रों में हॉकी केवल खेल नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। उन्होंने कहा कि ओलंपियन सुरजीत सिंह के नाम पर बने जालंधर के स्टेडियम का विशेष भावनात्मक महत्व है। प्रतियोगिता के अवसर पर यहां सुरजीत सिंह की प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
जालंधर में लीग मैच, मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल

मुख्यमंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के सभी लीग मुकाबले जालंधर में होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी पंजाब के खेल ढांचे, संस्कृति और मेहमाननवाजी को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है।
खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर

भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए छह नए हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार किए हैं और दो अन्य मैदानों का निर्माण जारी है। जमीनी स्तर पर हॉकी को मजबूत करने के लिए 18 छह-खिलाड़ियों वाले एस्ट्रोटर्फ मैदान भी विकसित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन में छह लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। ‘मुख्यमंत्री खेल मैदान’ पहल के तहत राज्यभर में 3,000 से अधिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। पंजाब राज्य खेल संस्थान के 14 उत्कृष्टता केंद्रों में 1,870 खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। स्टेडियम में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स केंद्र में 102 और खेलो इंडिया केंद्र में 33 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में शुरू की गई नई खेल नीति और खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का आवंटन राज्य में मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर देना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से खेल पर्यटन, आतिथ्य उद्योग, खेल सामग्री उद्योग और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को आपस में जोड़ते हैं और यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के बीच दोस्ती तथा आपसी सम्मान को मजबूत करेगी।
इस अवसर पर हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली और हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक बलकार सिंह और ईशान छाबड़ा, खेल विभाग के प्रधान सचिव वरुण रूजम, खेल निदेशक अभिजीत कपलिश, जालंधर के मेयर विनीत धीर और पर्यटन सलाहकार दीपक बाली सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।