दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 28 अक्टूबर 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी सरकार के जनकल्याणकारी कामों के आधार पर जनता से दोबारा समर्थन मांगेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर स्कूल-अस्पताल, मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने जैसी योजनाएं सरकार की प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर मुफ्त योजनाएं बंद करने की घोषणा को लेकर सवाल उठाए, वहीं भाजपा पर पंजाब के पानी, पंजाब विश्वविद्यालय और चंडीगढ़ से जुड़े राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय सुरक्षा और आत्मसम्मान मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, महिलाओं का कल्याण, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता शासन के केंद्र में होना चाहिए।
भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस पर महिलाओं के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसी नीतियों के लिए प्रतिबद्ध है, जो महिलाओं को प्राथमिकता देती हैं और उन्हें वास्तविक आर्थिक मदद उपलब्ध कराती हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मुफ्त योजनाएं बंद करने संबंधी कांग्रेस का रुख उसे राजनीतिक रूप से और नुकसान पहुंचाएगा।
हॉकी में पंजाब के योगदान को सराहा
जालंधर में शुरू हुई हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों को लंबे समय बाद अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय हॉकी टीम के 11 खिलाड़ियों में से नौ पंजाब से हैं। उनके मुताबिक, यह भारतीय हॉकी में राज्य के योगदान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की सफल मेजबानी के बाद पंजाब वर्ष 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहता है। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर पंजाब की खेल परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस और भाजपा पर भी साधा निशाना
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भगवंत सिंह मान ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर उसके रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया का विरोध करने की बात करती है, लेकिन विधानसभा में इस विषय पर चर्चा के दौरान उसके सदस्य सदन से बाहर चले गए।
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी पंजाब के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के पानी, पंजाब विश्वविद्यालय और चंडीगढ़ से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग राज्य के हितों के साथ खड़े रहने वालों और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों के बीच अंतर समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सिंचाई, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को मजबूत और समृद्ध बनाने तथा प्रत्येक पंजाबी के अधिकारों और आकांक्षाओं की रक्षा के लिए काम करती रहेगी।