चंडीगढ़ 6 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ के
सेक्टर-20 में कथित अवैध मंडी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता द्वारा पार्षद तरुणा मेहता पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें असत्य, तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया है। पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि यह बयान राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दिया गया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस मंडी को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पिछले लगभग 20 वर्षों से संचालित है। इस दौरान करीब 15 वर्षों तक उसी वार्ड से भाजपा का पार्षद निर्वाचित रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि उस समय यह मंडी किसके संरक्षण में संचालित होती रही। पार्षद ने कहा कि किसी पर उंगली उठाने से पहले भाजपा के पूर्व पार्षद की भूमिका की विजिलेंस जांच कराना अधिक न्यायसंगत होगा।पार्षद तरुणा मेहता ने बताया कि उन्होंने अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए इस मंडी के संबंध में संबंधित विभागों और मौजूदा अधिकारियों को लगातार शिकायतें दी हैं। सैनिटरी इंस्पेक्टर के माध्यम से लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसके अभिलेख उपलब्ध हैं और जिनमें विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है।उन्होंने यह भी बताया कि स्वयं उन्होंने मस्जिद के पदाधिकारियों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी धार्मिक स्थल की आड़ में यह मंडी संचालित न हो। मस्जिद के पदाधिकारियों ने भी मंडी को अनुचित बताते हुए इसे हटाने में सहयोग देने की सहमति व्यक्त की है।पार्षद तरुणा मेहता ने दो टूक कहा कि वे किसी भी प्रकार की विजिलेंस जांच, प्रशासनिक जांच या न्यायिक जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कानून, पारदर्शिता और नियमों के तहत ही काम किया है।उन्होंने भाजपा प्रवक्ता को अंतिम कानूनी चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर झूठे, अप्रमाणित और मानहानिकारक बयान तत्काल प्रभाव से बंद किए जाएं। अन्यथा ऐसे बयान भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए वे दीवानी और आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ क्षतिपूर्ति का दावा भी करेंगी।