पंजाब 22 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा) पंजाब मोहाली ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से जुझार नगर में 58 घरों पर प्रस्तावित कार्रवाई स्थानीय लोगों के तीखे विरोध के चलते टल गई। जब गमाडा की टीम पुलिस प्रशासन के साथ इलाके में पहुंची तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवक मौके पर इकट्ठा हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। हालात को देखते हुए टीम को बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा।बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित एक मामले के संदर्भ में की जानी थी। गमाडा के अधिकारियों का कहना है कि वे अदालत के आदेशों के अनुपालन में ही पहुंचे थे और संबंधित परिवारों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले 12 से 15 वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं। अधिकांश परिवार गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े हैं, जिन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई से छोटे-छोटे घर बनाए या खरीदे हैं। कई परिवार अभी भी बैंक ऋण चुका रहे हैं। लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कई परिवार रहते हैं और पवित्र रमजान के महीने में इस तरह की कार्रवाई उन्हें गहरे संकट में डाल देगी। कुछ स्थानों पर लोगों ने दुआ कर प्रशासन से रहम की अपील की।इस दौरान एक दिव्यांग महिला ने भावुक होकर कहा कि उसका घर ही परिवार का एकमात्र सहारा है और इसे तोड़ दिया गया तो वे पूरी तरह बेसहारा हो जाएंगे।गांव के सरपंच इकबाल सिंह ने सवाल उठाया कि यदि मकान अवैध थे तो निर्माण या बिक्री के समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में रह रहे लोगों को पानी, बिजली, सड़क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। सरपंच ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को सरकार के उच्च स्तर तक उठाएंगे और मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी गरीब परिवारों को राहत देने की मांग करेंगे।गमाडा की रेगुलेटरी ब्रांच के एसडीओ हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई भी नियमानुसार तथा अदालत के निर्देशों के तहत ही की जाएगी।