दैनिक खबरनामा 18 अप्रैल 2026 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ईएसआई हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में ईएसआई हेल्थ केयर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक के दौरान पानीपत के ईएसआई अस्पताल से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने छह निजी अस्पतालों को तुरंत डी-पैनल करने के निर्देश दिए। विभाग ने इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिया है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान इन अस्पतालों ने अत्यधिक रेफरल किए और रेफरल फॉर्म पर डॉक्टरों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई।
इस मामले में संलिप्त पानीपत ईएसआई अस्पताल के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रदेशभर में ईएसआई पैनल पर शामिल 133 अन्य निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी जांच कराने को कहा गया है।स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश दिए। पानीपत ईएसआई अस्पताल की क्षमता 75 से बढ़ाकर 100 बेड करने और ऑपरेशन थिएटर का विस्तार करने को कहा गया है। इसी तरह जगाधरी अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआई अस्पतालों का कार्य जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कोई कमी न रहे और भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।