दैनिक खबर नंबर 5 मार्च 2026 चेस्टर हिल प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) केके पंत ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा पहले जारी आदेशों को खारिज करते हुए बेनामी संपत्ति की जांच के निर्देश दिए हैं दरअसल, 6 दिसंबर 2025 को मुख्य सचिव ने उपायुक्त सोलन को पत्र लिखकर एसडीएम सोलन की रिपोर्ट को आपत्तिजनक बताया था। इस रिपोर्ट में हंसराज ठाकुर और ठाकुर निवास बाईपास रोड सोलन के अन्य निवासियों की प्रस्तुति का जिक्र था। साथ ही धारा 118 और रेरा एक्ट के उल्लंघन की बात कहते हुए संबंधित कृषकों के खिलाफ बेनामी संपत्ति की कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
मुख्य सचिव ने अपने पत्र में कहा था कि हंसराज ठाकुर, लतिका, संजना और निशा हिमाचल प्रदेश के कृषक हैं और उनकी कसौली के राजपुर व परवाणू में जमीन है। उन्होंने एसडीएम की रिपोर्ट को प्रथम दृष्टया गलत बताते हुए कृषकों के हितों के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही थी।अब अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत ने इस मामले का पुनरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव के उस पत्र को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपायुक्त सोलन को आदेश दिया गया है कि हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू सुधार अधिनियम की धारा 118 के उल्लंघन का मामला बनाकर संबंधित पक्षों की सुनवाई की जाए और उचित निर्णय लिया जाए।गौरतलब है कि चेस्टर हिल मामले में पहले से ही मुख्य सचिव संजय गुप्ता के खिलाफ छोटा शिमला थाने में केस भी दर्ज है।