दैनिक खबरनामा | 19 अगस्त | चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए। चन्नी ने अपनी अनुपस्थिति की वजह उसी दिन निर्धारित PhD परीक्षा को बताया। उनके मुताबिक, परीक्षा पहले से तय थी, इसलिए वह दिल्ली में हुई बैठक में हिस्सा लेने नहीं पहुंच सके।
हालांकि, पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच CWC बैठक से चन्नी की दूरी ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है। पार्टी में पहले से चल रही खींचतान के बीच उनकी गैरमौजूदगी को कई तरह से देखा जा रहा है।
परीक्षा की तारीख को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चन्नी ने जिस पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन/पब्लिक पॉलिसी की परीक्षा का हवाला दिया है, उसके शेड्यूल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विरोधी खेमे का दावा है कि परीक्षा बुधवार या उसके आसपास निर्धारित नहीं थी। ऐसे में उनका कहना है कि चन्नी दिल्ली जाकर CWC की बैठक में शामिल हो सकते थे।
इसी कारण कांग्रेस के भीतर एक वर्ग उनकी अनुपस्थिति को केवल परीक्षा से जोड़कर नहीं देख रहा है। इसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों और पंजाब कांग्रेस में जारी आंतरिक मतभेदों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी चन्नी की गैरमौजूदगी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। ईश्वर करे कि वे अपनी PhD पूरी करें और डॉक्टर बन जाएं।”
राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले सियासी हलचल
चन्नी का CWC बैठक से नदारद रहना ऐसे वक्त हुआ है, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे की चर्चा चल रही है। संभावित दौरे के दौरान राहुल गांधी के श्री हरिमंदिर साहिब जाने के अलावा पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद कम करने की कोशिश किए जाने की भी संभावना है।
पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक प्रभाव को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
चन्नी के करीबी नेताओं ने दी सफाई
दूसरी ओर, चन्नी के करीबी नेताओं ने उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सफाई दी है। उनका कहना है कि CWC बैठक में शामिल नहीं होने का पार्टी नेतृत्व से नाराजगी से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, PhD परीक्षा पहले से निर्धारित थी और इसी वजह से चन्नी बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।
चन्नी ने अपनी गैरमौजूदगी का कारण स्पष्ट कर दिया है, लेकिन परीक्षा की तारीख को लेकर सामने आए सवालों ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर बहस को जरूर और तेज कर दिया है।