दैनिक खबरनामा 3 अप्रैल 2026 ईरान-इजराइल युद्ध के बीच सुरक्षा कारणों से दुबई के जेबेल अली स्थित प्रसिद्ध गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। गुरुद्वारा चेयरमैन सुरेंद्र सिंह कंधारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दुबई पुलिस के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी धार्मिक भेदभाव के कारण नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों के चलते कम्युनिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) ने यह निर्णय लिया। गुरुद्वारा जेबेल अली पोर्ट के पास स्थित है, जो एक संवेदनशील रणनीतिक क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे से खतरे को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया।गुरुद्वारा प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए सभी धार्मिक सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोकने का नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी है, क्योंकि हाल के महीनों में दागे गए ड्रोन और मिसाइलों के मलबे रिहायशी इलाकों में गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक धर्म को निशाना बनाकर नहीं की गई है। ईस्टर वीकेंड पर संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास के चर्चों और BAPS हिंदू मंदिर को भी एहतियातन बंद किया गया है।करीब 164 करोड़ रुपए की लागत से बना यह गुरुद्वारा 2012 में स्थापित हुआ था और खाड़ी देशों का पहला आधिकारिक सिख धर्म स्थल माना जाता है। तीन मंजिला इस भवन में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आते रहे हैं और यह दुबई की धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक माना जाता है।