दैनिक खबरनामा 26 मार्च 2026 पंचकूला में नगर निगम के 158 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। मामला तब और चौंकाने वाला बन गया जब महज चार दिनों में 48 करोड़ रुपये “मिस्टर इंडिया” की तरह गायब हो गए।13 मार्च 2026 की रात तक निगम के रिकॉर्ड में 50.07 करोड़ रुपये पूरी तरह सुरक्षित दिख रहे थे। लेकिन 16 मार्च की सुबह बैंक स्टेटमेंट आते ही हड़कंप मच गया—खाते में सिर्फ 2.17 करोड़ रुपये ही बचे थे। यानी 48 करोड़ रुपये बीच रास्ते से ही साफ कर दिए गए।मामला यहीं नहीं रुका। 18 मार्च को बैंक ने लिखित में कह दिया कि निगम द्वारा बताई जा रही 16 FD में से एक भी मौजूद नहीं है। इससे जांच एजेंसियां भी सन्न रह गईं। और तो और, बैंक में दो ऐसे अतिरिक्त खाते भी मिले जिनका निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में कोई जिक्र ही नहीं था—यह सीधे तौर पर बड़े स्तर की गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।पूरे घटनाक्रम में तारीखों का खेल भी बेहद संदिग्ध रहा। फरवरी 2026 में FD मेच्योर होने के बाद से ही बैंक द्वारा दी जा रही जानकारी निगम के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। 13, 16 और 18 मार्च को अलग-अलग स्टेटमेंट में अलग-अलग रकम दिखाना इस रहस्य को और गहरा करता है।जांच में यह भी सामने आया कि निगम की बड़ी लापरवाही ने इस घोटाले को आसान बना दिया। समय पर बैंक स्टेटमेंट का मिलान नहीं किया गया, अज्ञात खातों पर ध्यान नहीं दिया गया और डिजिटल निगरानी सिस्टम का भी अभाव रहा।अब यह मामला सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी नहीं बल्कि एक “अदृश्य घोटाला” बन गया है, जिसने सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच जारी है, लेकिन 120 घंटों में करोड़ों रुपये के गायब होने की यह कहानी हर किसी को हैरान कर रही है।