दैनिक खबरनामा । शिमला, 16 जून : हिमाचल प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से सबसे कमजोर परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए बड़ी पहल की तैयारी कर रही है। नए बीपीएल सर्वेक्षण के सात चरणों में चिन्हित लगभग 1.22 लाख अति गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री सुख परिवार योजना के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इन परिवारों को केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना है।
पक्का मकान बनाने के लिए मिलेगी सहायता
योजना के तहत ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास अभी तक पक्का मकान नहीं है। सरकार इन परिवारों को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने की संभावनाओं पर काम कर रही है। इसके लिए राज्यभर में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों का विस्तृत डाटा एकत्रित किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों तक सहायता सुनिश्चित की जा सके।
महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये का लाभ
मुख्यमंत्री ने अपने चौथे बजट में एक लाख गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है। सुख परिवार योजना से जुड़ने वाले पात्र परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की आय को मजबूती मिलेगी।
एक मंच पर मिलेंगी सभी कल्याणकारी योजनाएं
सरकार का प्रयास है कि सबसे गरीब परिवारों तक विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ समग्र रूप से पहुंचे। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुख परिवार योजना को एक ‘वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
सत्यापन के बाद मिलेगा योजनाओं का लाभ
प्रशासनिक स्तर पर चयनित परिवारों का सत्यापन किया जाएगा और उनकी पात्रता का विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ मिलान होगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक असमानता कम करने में मदद मिलेगी।
गरीबी उन्मूलन की दिशा में अहम कदम
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो प्रदेश के 1.22 लाख से अधिक अति गरीब परिवारों को आवास, महिला सशक्तीकरण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का समेकित लाभ मिलेगा। इसे राज्य में गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।