दैनिक खबरनामा । शिमला, 4 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में 3 नए नगर निगम और 18 अन्य शहरी निकायों में होने वाले चुनाव अब मौजूदा राज्य निर्वाचन आयुक्त की जगह आने वाले नए आयुक्त की देखरेख में कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची का कार्यकाल 6 अगस्त को पूरा हो रहा है।
खाची के पास अब केवल 33 दिन बचे हैं। इसी बीच यह मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर अगली सुनवाई 16 जुलाई को तय है। अदालत से फैसला आने के बाद भी इतने कम समय में चुनाव प्रक्रिया पूरी कराना संभव नहीं दिख रहा। ऐसे में चुनाव की घोषणा और संचालन की जिम्मेदारी नए निर्वाचन आयुक्त के आने के बाद ही तय होगी।
उच्च न्यायालय में हाल ही में गठित नगर निकायों में शीघ्र चुनाव कराने को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि मतदान जल्द करवाकर निर्वाचित निकायों का गठन किया जाए।
फिलहाल न्यायालय के अंतिम आदेश के बिना चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया जा सकता। हालांकि संबंधित क्षेत्रों में मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने का काम जारी है। जिन स्थानों पर सूचियां पूरी नहीं हो पाईं, वहां आरक्षण का रोस्टर जारी न होने और मतदाता सूची को अधिसूचित न करने की वजह से मतदान टल गया था।
प्रदेश में कुल 75 शहरी निकाय
राज्य में अभी 75 शहरी निकाय सक्रिय हैं। इसमें 8 नगर निगम, 29 नगर परिषदें और 38 नगर पंचायतें शामिल हैं। शिमला नगर निगम का कार्यकाल 2028 तक मान्य है।
इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन के 4 नगर निगमों सहित 53 शहरी निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन 53 में 26 नगर परिषदें और 23 नगर पंचायतें शामिल हैं।
अब राज्य में 3 नए नगर निगमों ऊना, हमीरपुर और बद्दी के अलावा 3 नगर परिषदों और 15 नगर पंचायतों में मतदान कराना शेष है। इन्हीं 21 निकायों में नई मतदाता सूचियां और आरक्षण तय होने के बाद चुनाव कराए जाएंगे।