दैनिक खबरनामा । शिमला, 4 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने मासिक वेतन बिल बनाने में बरती जा रही लापरवाही पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। तकनीकी खामियों और गलत प्रक्रिया से तैयार हो रहे बिलों को लेकर विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की है।
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रदेश भर के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों यानी डीडीओ के लिए नए निर्देश जारी किए हैं और उनका अक्षरश: पालन करने को कहा है।
विभाग की ओर से साफ कर दिया गया है कि नियमित कर्मचारियों का मासिक वेतन और अनुदान प्राप्त संस्थानों यानी जीआईए का वेतन बिल सिर्फ और सिर्फ “वोटेड हेड” के अंतर्गत ही बनाया जाएगा।
जांच में पाया गया कि कुछ डीडीओ अनजाने में या गलती से नियमित वेतन के बिल “चार्ज्ड हेड” से बना रहे हैं। विभाग ने कहा कि यह सीधे तौर पर वित्तीय नियमों का उल्लंघन है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसको लेकर निदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिले के अधीन आने वाले सभी डीडीओ को नए निर्देशों से अवगत कराएं और यह सुनिश्चित करें कि आगे से कोई गलती न हो।
चेतावनी में यह भी कहा गया है कि अगर आगे चलकर नियमित वेतन या जीआईए का बिल गलत हेड से तैयार किया गया तो दोषी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सीसीएस (सीए) नियम, 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विभाग ने कहा है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, इसलिए अब किसी भी तरह की ढिलाई पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।