दैनिक खबरनामा 6 मार्च 2026 जालंधर में यूट्यूबर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर पर हैंड ग्रेनेड फेंकने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि विस्फोटक का इस्तेमाल इस अपराध को अत्यंत गंभीर बनाता है, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है।मामले के अनुसार, यह हमला कथित तौर पर एक पाकिस्तान-आधारित प्रतिद्वंद्वी के इशारे पर किया गया था। घटना 15-16 मार्च 2025 की रात की है, जब आरोपी हार्दिक कंबोज अपने सह-आरोपी के साथ शिकायतकर्ता के घर पहुंचा और बालकनी की ओर हैंड ग्रेनेड फेंका, जो फटा नहीं। इसके बाद 16 मार्च 2025 को जालंधर के एक थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, आरोपी इस साजिश में मुख्य भूमिका निभाने वालों में शामिल था और उसी ने ग्रेनेड फेंका था। हालांकि, बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामला केवल गुप्त सूचनाओं पर आधारित है और कोई ठोस प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि यह साबित नहीं हुआ कि फेंकी गई वस्तु वास्तव में हैंड ग्रेनेड थी।वहीं, राज्य सरकार ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में नरमी बरतना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा होगा। अदालत ने भी माना कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह मुख्य आरोपियों में शामिल है। ऐसे में इस स्तर पर साक्ष्यों की तकनीकी जांच करना उचित नहीं है।हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हैंड ग्रेनेड जैसे खतरनाक हथियार का इस्तेमाल अपने आप में अपराध को जघन्य बनाता है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।