दैनिक खबरनामा 1 अप्रैल 2026 जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए हजारों पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें दावा किया गया था कि प्रस्तावित हाईवे के कारण करीब 7,000 पेड़ों की कटाई का खतरा है।याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कई पेड़ 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं और इनकी कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसान साबित हो सकती है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, पंजाब और हरियाणा सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिन पेड़ों की भरपाई के लिए हरियाणा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, उनके बदले 300 किलोमीटर दूर फिरोजपुर में पौधरोपण की योजना बनाई गई है, जहां पौधों के जीवित रहने की दर काफी कम बताई गई।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पंचकूला के गोल्फ कोर्स क्षेत्र में लगभग 14,000 पेड़ों की हरियाली है, जिसमें से करीब 3,000 पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। वहीं सेक्टर-1ए की ग्रीन बेल्ट में भी लगभग 2,000 पेड़ों पर खतरा मंडरा रहा है, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी भी बताई गई है।याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया कि महज 500 मीटर के डायवर्जन और मौजूदा नेशनल हाईवे-7 के इस्तेमाल से इस परियोजना को बिना पेड़ों को नुकसान पहुंचाए पूरा किया जा सकता है।