दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 18 जून 2026. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार भारत में करीब 15 करोड़ लोग किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत डिप्रेशन, एंग्जाइटी, सिज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और नशे से जुड़ी मानसिक समस्याओं सहित अनेक रोगों का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि आर्थिक बोझ कम होने के कारण अब अधिक लोग समय रहते मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व दिया जाना चाहिए और शुरुआती चरण में उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी), ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन तथा अन्य आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं भी स्वीकृत पैकेजों में शामिल हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध 2300 प्रक्रियाओं में से 81 मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पैकेजों के लिए निर्धारित की गई हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जागरूकता बढ़ने और कैशलेस सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे रोग की पहचान और उपचार में होने वाली देरी कम हुई है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लक्षण महसूस करने वाले लोगों से बिना झिझक विशेषज्ञों से संपर्क करने की अपील की।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के आंकड़ों के अनुसार अब तक 457 लाभार्थी मानसिक स्वास्थ्य पैकेजों के तहत सरकारी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर चुके हैं, जबकि लगभग 55 लाख रुपये के दावों का निपटारा किया जा चुका है।

सिविल अस्पताल बरनाला के सलाहकार मनोचिकित्सक डॉ. गगनदीप सेखों के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक दबाव, रोजगार की अनिश्चितता, आर्थिक तनाव, रिश्तों से जुड़ी चुनौतियां, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और सामाजिक सहयोग की कमी मानसिक रोगों के प्रमुख कारण बन रहे हैं।

डॉ. सेखों ने कहा कि पहले सामाजिक कलंक और आर्थिक कठिनाइयों के कारण लोग उपचार से बचते थे, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से अधिक लोग अस्पतालों में परामर्श और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘सीएम दी योगशाला’ कार्यक्रम के माध्यम से योग को मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांत मन ही स्वस्थ जीवन की नींव है और पंजाब सरकार एक स्वस्थ एवं खुशहाल पंजाब के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है।

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