वायरल वीडियो पर अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान, पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच में जुटी
दैनिक खबरनामा/ब्यूरो/मलोट/8 जून 2026. श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव झोरड़ में मोबाइल फोन छीनने की घटना के बाद दो युवकों के साथ कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले में जहां मोबाइल छीनने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं दूसरी ओर कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल मूल के एक प्रवासी मजदूर ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि वह खेतों में काम कर रहे साथियों के लिए भोजन लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने संदिग्ध युवकों की पहचान कर ली।
शिकायत के मुताबिक, बाद में दोनों युवक गांव के पंचायत घर में पहुंचे, जहां उनसे मोबाइल के बारे में पूछताछ की गई। हालांकि फोन बरामद नहीं हो सका और इसी दौरान दोनों वहां से निकल गए। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उनका पीछा किया और उन्हें खेतों के पास पकड़ लिया।
इस घटना के बाद दोनों युवकों के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने और उन्हें रस्सियों से बांधकर गांव में घुमाने के आरोप सामने आए हैं। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्यों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
दूसरी ओर, गिरफ्तार युवकों में से एक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को घर से जबरन ले जाया गया, उसके साथ मारपीट की गई और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। परिवार ने यह भी दावा किया कि विरोध करने पर उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक शिकायत के आधार पर मोबाइल छीनने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दूसरी शिकायत के आधार पर 11 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत मारपीट, अवैध रूप से बंधक बनाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नामजद आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।