दैनिक खबरनामा /ब्यूरो/चंडीगढ़ /10 जून, 2026. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर नशों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को और तेज करते हुए पंजाब पुलिस ने अब अवैध हवाला कारोबारियों और नार्को-फंडिंग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्यव्यापी तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य नशा तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त कर अपराधियों की आर्थिक शक्ति को समाप्त करना है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ लड़ाई को केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसलिए पंजाब पुलिस ने नशा कारोबार से अर्जित अवैध धन की पहचान, निगरानी, जब्ती और संपत्तियों को फ्रीज करने की व्यापक रणनीति अपनाई है।
डीजीपी ने बताया कि 1 मार्च 2025 से अब तक ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत 73 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से लगभग 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की नशा तस्करी से अर्जित रकम भी बरामद की है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार उन गुप्त वित्तीय चैनलों को निशाना बना रही है, जिनके माध्यम से नशा तस्करों का धन एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। इन नेटवर्कों पर कार्रवाई से नार्को-हवाला सिंडिकेट्स को बड़ा झटका लगा है।
गौरव यादव ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 1,727 से अधिक संपत्ति फ्रीज करने संबंधी प्रस्ताव सक्षम प्राधिकरण द्वारा मंजूर किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई नशा तस्करों को उनके अवैध मुनाफे से वंचित करने और भविष्य में अपराध करने से रोकने के उद्देश्य से की जा रही है।
डीजीपी ने कहा कि यह सफलता गहन जांच, खुफिया सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई और पुलिस टीमों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब तक नशा तस्करों के आर्थिक स्रोतों को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक इस समस्या पर स्थायी नियंत्रण संभव नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब पुलिस नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और राज्य में नशा तस्करी के पूरे आर्थिक ढांचे को ध्वस्त करने के लिए हर स्तर पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पंजाब पुलिस का लक्ष्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क को भी पूरी तरह खत्म करना है।