दैनिक खबरनामा | 15 जून, 2026 : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर उभरे राजनीतिक विवाद की गूंज अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi ने बहराइच की एक जनसभा में टीएमसी के बागी सांसदों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें बीजेपी और आरएसएस का समर्थक बताया।
ओवैसी ने कहा कि जो नेता पहले धार्मिक और वैचारिक प्रतिबद्धता की बातें करते थे, वे आज राजनीतिक लाभ के लिए अपने पुराने रुख से पीछे हट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और दबाव की राजनीति के चलते कुछ नेता बीजेपी के करीब पहुंच गए हैं।
इस दौरान ओवैसी ने Akhilesh Yadav और Samajwadi Party पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब अन्य दलों के सांसद पाला बदलते हैं तो सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन जब एआईएमआईएम मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात करती है तो उसकी आलोचना शुरू हो जाती है।
ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का युवा वर्ग अब राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों तथा प्रतिनिधित्व को लेकर पहले से ज्यादा सक्रिय है। उन्होंने लोगों से एआईएमआईएम का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
सभा में उन्होंने बहराइच और मटेरा क्षेत्र के विकास के मुद्दे भी उठाए। ओवैसी ने स्थानीय नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वर्षों तक समर्थन मिलने के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं और बड़े अस्पताल नहीं बन पाए।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि इस बार राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे और युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उनके अनुसार, एआईएमआईएम अपने संगठन और जनसमर्थन के दम पर चुनावी राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
कुल मिलाकर, टीएमसी में मचे राजनीतिक विवाद को आधार बनाकर ओवैसी ने एक साथ टीएमसी के बागी नेताओं, बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला तथा उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की।