दैनिक खबरनामा 1 मई 2026 केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंचकूला औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर सरकारी नियमों में हेरफेर कर अपने चहेतों को औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए। जांच में सामने आया कि 30.34 करोड़ रुपये की कीमत वाले भूखंड मात्र 7.85 करोड़ रुपये में आवंटित कर दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।चार्जशीट में बताया गया है कि जब हुड्डा मुख्यमंत्री और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अध्यक्ष थे, तब पंचकूला में 14 औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन मांगे गए थे। कुल 582 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन आवेदन की अंतिम तिथि के बाद नियमों में बदलाव कर पात्रता मानदंडों को कम कर दिया गया। साथ ही, वित्तीय क्षमता के अंक घटाकर 25 से 10 कर दिए गए और वाइवा-वॉइस के अंक 15 से बढ़ाकर 25 कर दिए गए।
सीबीआई ने चार्जशीट के साथ हरियाणा सरकार से मिली अभियोजन की मंजूरी भी अदालत में पेश की है। इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी धर्मपाल सिंह नांगल, पूर्व मुख्य वित्तीय नियंत्रक सुभाष चंद्र कांसल, डिप्टी सुपरिटेंडेंट भारत भूषण तनेजा सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।अदालत ने मामले में दस्तावेजों की जांच के लिए संबंधित लिपिक को निर्देश दिए हैं और 4 जून को रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके अलावा, एक अहम गवाह नरेंद्र कुमार सोलंकी का बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा कराया गया है।सीबीआई ने यह मामला 19 मई 2016 को दर्ज किया था और अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले की सुनवाई तेज होने की संभावना है।