दैनिक खबरनामा 1 अप्रैल 2026 पंजाब की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होते ही आढ़तियों की हड़ताल ने माहौल गर्म कर दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आढ़ती संगठनों ने काम बंद कर दिया है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा है कि ब्लैकमेलिंग के जरिए सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकता और हड़ताल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आढ़तियों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा कमीशन को फिक्स किए जाने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। पहले उन्हें MSP के आधार पर 2.5% कमीशन मिलता था, लेकिन अब इसे तय राशि तक सीमित कर दिया गया है, जो उनके अनुसार काफी कम है। उनका दावा है कि इस फैसले से उन्हें इस सीजन में करोड़ों रुपये का घाटा झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने प्राइवेट खरीद पर भी समान कमीशन देने और कमीशन को प्रतिशत के आधार पर नियमित करने की मांग रखी है।वहीं, राज्य सरकार ने इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा केंद्र से जुड़ा है, लेकिन राज्य में खरीद प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकार ने आढ़तियों को बैठक के लिए आमंत्रित किया है ताकि समाधान निकाला जा सके।
‘फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन पंजाब’ के नेतृत्व में हजारों आढ़ती इस हड़ताल में शामिल हैं और उन्होंने मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।