दैनिक खबरनामा | 18 अगस्त | मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल से जुड़ी बड़ी लापरवाही सामने आई। कार्यक्रम में डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की मौजूदगी के बीच ‘वंदे मातरम्’ के स्थान पर लता मंगेशकर के एक पुराने प्राइवेट एलबम का गीत बज गया। हालांकि गीत के बोल ‘वंदे मातरम्’ थे, लेकिन वह सरकारी कार्यक्रमों में निर्धारित आधिकारिक प्रस्तुति नहीं थी। इस दौरान पूरा सभागार करीब चार मिनट तक सम्मान में खड़ा रहा। बाद में एकनाथ शिंदे ने मंच से इस गलती पर खेद जताते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी चूक से बचने के निर्देश दिए।
आधिकारिक गीत की जगह बजा अलग रिकॉर्डेड गाना
ठाणे में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत प्रोटोकॉल के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ से होनी थी। इसकी घोषणा होते ही मंच और सभागार में मौजूद सभी लोग सम्मान में खड़े हो गए। इसी दौरान साउंड सिस्टम से आधिकारिक ‘वंदे मातरम्’ के बजाय भारत रत्न और स्वर कोकिला लता मंगेशकर के पुराने निजी एलबम में रिकॉर्ड किया गया गीत बजने लगा।
गीत के शब्द ‘वंदे मातरम्’ ही थे, लेकिन सरकारी समारोह में बजाए जाने वाले निर्धारित आधिकारिक संस्करण से यह अलग था। स्थिति को देखते हुए मौजूद लोग अपनी जगह पर खड़े रहे और करीब चार मिनट तक पूरा पंडाल शांत रहा।
शिंदे ने जताया खेद, अधिकारियों को दी हिदायत
गीत समाप्त होने के बाद जब डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने संबोधन शुरू किया, तो उन्होंने सबसे पहले कार्यक्रम में हुई इस गलती पर सार्वजनिक रूप से खेद जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रगीत और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देश में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर राजनीतिक बहस और बयानबाजी पहले से चर्चा में है। ऐसे में सरकारी कार्यक्रम में हुई इस तकनीकी और प्रोटोकॉल संबंधी चूक ने आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
ठाणे से रहा है एकनाथ शिंदे का पुराना राजनीतिक जुड़ाव
एकनाथ शिंदे का ठाणे से लंबे समय से मजबूत राजनीतिक संबंध रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत इसी क्षेत्र से की थी। 2024 का विधानसभा चुनाव भी उन्होंने ठाणे की कोपरी-पांचपाखाड़ी सीट से जीता। वह 2009 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले 2004 से 2009 तक वह ठाणे विधानसभा सीट से विधायक रहे थे।
साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से अलग होकर भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने। इसके बाद हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की जीत हुई। भाजपा के पास अधिक सीटें होने के कारण मुख्यमंत्री पद भाजपा को मिला, जबकि एकनाथ शिंदे ने डिप्टी CM की जिम्मेदारी संभाली।