दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़/मोहाली, 6 अगस्त 2026. महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए पंजाब पुलिस द्वारा स्थापित ‘सांझ राहत केंद्र’ अब राज्य में सामुदायिक पुलिसिंग के प्रभावी मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और अन्य संकटों से जूझ रही महिलाओं को परामर्श, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग और पुनर्वास जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पंजाब पुलिस के अनुसार, मोहाली से शुरू हुई इस पहल का विस्तार अब फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और जालंधर तक हो चुका है। पिछले दो वर्षों में इन चार केंद्रों में 1,069 मामले दर्ज किए गए, जबकि 1,656 महिलाओं की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की गई।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि सांझ राहत केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को मानसिक आघात से उबरने और सामान्य जीवन में लौटने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से समय रहते हस्तक्षेप कर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की घटनाओं को रोकने का प्रभावी प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन केंद्रों ने कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। एक मामले में घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकियों का सामना कर रही महिला को तत्काल सुरक्षा प्रदान कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया तथा आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करवाई गई। वहीं, एक अन्य मामले में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला को उपचार, मानसिक परामर्श और बाद में रोजगार उपलब्ध कराने में भी सहायता दी गई, जिससे वह सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू कर सकी।
महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब पुलिस अन्य कई पहलें भी चला रही है। ‘जागृति कार्यक्रम’ के तहत पिछले लगभग दो वर्षों में 12,482 विद्यालयों में अभियान चलाकर 11,75,010 विद्यार्थियों तथा 76,299 शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को सुरक्षा और जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई।
इसके अलावा, महिला सहायता डेस्क के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, बाल यौन शोषण, बाल विवाह निषेध, किशोर न्याय कानून, नशा विरोधी अभियान और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर 69,329 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन की स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत कौर देओ ने कहा कि वर्ष 2011 में शुरू की गई ‘सांझ’ प्रणाली ने पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सांझ राहत केंद्र जरूरतमंद महिलाओं को परामर्श, पुलिस सहायता और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराकर समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी योगदान दे रहे हैं।