पंजाब 23 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) पंजाब अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा जारी 72 घंटे के नोटिस पर श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार और श्री हरिमंदिर साहिब के मौजूदा मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने रविवार को लिखित जवाब संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले उनके उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाए, अन्यथा वे संस्था के भीतर की पूरी सच्चाई संगत के सामने सार्वजनिक करेंगे।
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंथक मर्यादाओं और परंपराओं का पालन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के भीतर कथित अनियमितताएं हो रही हैं, जिन पर एसजीपीसी प्रधान पहले ही संगत से माफी मांग चुके हैं। ऐसे में सवाल उठाने पर नोटिस देना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी को जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने एसजीपीसी में कथित भ्रष्टाचार और जमीनों के सौदों में पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अगले दिन कार्यकारी बैठक में उन्हें 72 घंटे का नोटिस जारी किया गया। उनका कहना है कि नोटिस की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया से मिली, क्योंकि वे उस समय पंजाब से बाहर थे।वहीं, तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर ने दोनों पूर्व जत्थेदारों को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब कर स्पष्टीकरण लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक आरोपों से पंथ में भ्रम की स्थिति बन रही है।इधर, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने भी ज्ञानी रघुबीर सिंह को अकाल तख्त पर बुलाने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के समर्थन में प्रमाण पेश करने की बात कही और कहा कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई अकाल तख्त पर होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ
पंजाब 23 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) पंजाब अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा जारी 72 घंटे के नोटिस पर श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार और श्री हरिमंदिर साहिब के मौजूदा मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने रविवार को लिखित जवाब संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले उनके उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाए, अन्यथा वे संस्था के भीतर की पूरी सच्चाई संगत के सामने सार्वजनिक करेंगे।
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंथक मर्यादाओं और परंपराओं का पालन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के भीतर कथित अनियमितताएं हो रही हैं, जिन पर एसजीपीसी प्रधान पहले ही संगत से माफी मांग चुके हैं। ऐसे में सवाल उठाने पर नोटिस देना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी को जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने एसजीपीसी में कथित भ्रष्टाचार और जमीनों के सौदों में पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अगले दिन कार्यकारी बैठक में उन्हें 72 घंटे का नोटिस जारी किया गया। उनका कहना है कि नोटिस की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया से मिली, क्योंकि वे उस समय पंजाब से बाहर थे।वहीं, तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर ने दोनों पूर्व जत्थेदारों को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब कर स्पष्टीकरण लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक आरोपों से पंथ में भ्रम की स्थिति बन रही है।इधर, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने भी ज्ञानी रघुबीर सिंह को अकाल तख्त पर बुलाने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के समर्थन में प्रमाण पेश करने की बात कही और कहा कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई अकाल तख्त पर होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ