पंजाब 18 मार्च 2026(दैनिक खबरनामा )पंजाब में बम धमाकों की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। फाजिल्का में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं, जो संभावित रूप से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लाए जा रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के गिल्लवाली निवासी बूटा सिंह उर्फ गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपू और मोगा के मोठांवाली निवासी हरमंदर सिंह उर्फ निक्का के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी स्कूटी पर सवार होकर तलवंडी से फिरोजपुर रोड पर एक गांव के पास हैंड ग्रेनेड की डिलीवरी देने जा रहे थे, तभी उन्हें दबोच लिया गया।इस मामले में फाजिल्का के SSOC थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी तरनतारन निवासी जोधा उर्फ जोबन के निर्देश पर यह खेप पहुंचाने आए थे, जो फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।डीजीपी गौरव यादव के अनुसार बरामद ग्रेनेड सीमा पार से संचालित अवैध नेटवर्क का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य पंजाब में अशांति फैलाना था। पुलिस ने साफ किया है कि राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पंजाब 18 मार्च 2026(दैनिक खबरनामा )पंजाब में बम धमाकों की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। फाजिल्का में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं, जो संभावित रूप से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लाए जा रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के गिल्लवाली निवासी बूटा सिंह उर्फ गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपू और मोगा के मोठांवाली निवासी हरमंदर सिंह उर्फ निक्का के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी स्कूटी पर सवार होकर तलवंडी से फिरोजपुर रोड पर एक गांव के पास हैंड ग्रेनेड की डिलीवरी देने जा रहे थे, तभी उन्हें दबोच लिया गया।इस मामले में फाजिल्का के SSOC थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी तरनतारन निवासी जोधा उर्फ जोबन के निर्देश पर यह खेप पहुंचाने आए थे, जो फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।डीजीपी गौरव यादव के अनुसार बरामद ग्रेनेड सीमा पार से संचालित अवैध नेटवर्क का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य पंजाब में अशांति फैलाना था। पुलिस ने साफ किया है कि राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।