दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 18 जुलाई: रेस्तरां में खाने के बाद बिल के साथ लगने वाला सर्विस चार्ज अब ग्राहक की मर्जी के बिना नहीं वसूला जा सकेगा। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने इसे उपभोक्ता कानून का उल्लंघन मानते हुए देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर आई शिकायतों और उनके साथ संलग्न बिलों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कई होटल और रेस्तरां ग्राहकों से पूछे बगैर ही बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दे रहे थे।
क्या कहा सीसीपीए की प्रमुख ने
सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा कि अगर कोई प्रतिष्ठान आपकी सहमति के बिना सर्विस चार्ज लेता है तो आप इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1915 या एनसीएच पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
चायोस पर 50 हजार का जुर्माना
प्राधिकरण ने सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड यानी चायोस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ कंपनी को उस ग्राहक का लिया गया सर्विस चार्ज लौटाने और अपने सभी आउटलेट्स में बिलिंग सिस्टम बदलने का आदेश भी दिया गया है, ताकि आगे से किसी भी बिल में सर्विस चार्ज या ऐसा कोई अन्य शुल्क अपने-आप न जुड़े।
इन जगहों पर भी आदेश
सीसीपीए ने पटना के कैफे ब्लू बाटल, चाइना गेट रेस्टोरेंट, बार्बेक्यू नेशन, अहमदाबाद का एफओओ, ओपेरा फ्रेंच बेकरी और जोरों द लग्जरी नाइट क्लब सहित कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किए हैं। बाकी मामलों की जांच अभी चल रही है।
प्राधिकरण ने बताया कि 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी अपने फैसले में सीसीपीए की सर्विस चार्ज संबंधी गाइडलाइन को वैध ठहराया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि रेस्तरां में सर्विस चार्ज को अनिवार्य बनाना कानून के खिलाफ है और सीसीपीए को इन नियमों को लागू कराने का अधिकार है।
2022 की गाइडलाइन में क्या है
सीसीपीए ने 2022 में ही गाइडलाइन जारी की थी जिसके मुख्य बिंदु ये हैं:
– कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में अपने-आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। इसे किसी दूसरे नाम से भी नहीं लिया जा सकता।
– ग्राहक को पहले ही बताया जाना चाहिए कि सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। देना है या नहीं, यह ग्राहक तय करेगा।
– सिर्फ सर्विस चार्ज न देने की वजह से किसी ग्राहक को खाना या सेवा देने से रोका नहीं जा सकता।
सीसीपीए ने सभी होटल और रेस्तरां को इन निर्देशों का पालन करने को कहा है।