दैनिक खबरनामा 15 अप्रैल 2026 चंडीगढ़: शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम ने अहम निर्णय लिया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के बावजूद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) जारी करने या उसके नवीनीकरण पर रोक नहीं लगेगी। इस फैसले से उन हजारों संपत्ति मालिकों को राहत मिलेगी, जो टैक्स बकाया के कारण अब तक सर्टिफिकेट नहीं बनवा पा रहे थे।नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह के अनुसार, पहले फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए प्रॉपर्टी टैक्स वेरिफिकेशन अनिवार्य था। हालांकि, 13 सितंबर 2019 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में संशोधन कर इस शर्त को हटा दिया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य भवनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है, ताकि किसी भी स्थिति में फायर सेफ्टी मानकों से समझौता न हो।अधिकारियों ने बताया कि पहले कई मामलों में केवल टैक्स बकाया होने के कारण FSC जारी नहीं हो पाता था, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता था। अब यह बाधा खत्म कर दी गई है, जिससे सभी इमारतों को समय पर फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र मिल सकेगा।नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 87.91 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा चुका है। बकाया टैक्स जमा कराने के लिए 31 मई तक की समय सीमा तय की गई है। साथ ही, टैक्सदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट योजना भी लागू की गई है। इसके तहत 31 मई तक रिहायशी संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक और औद्योगिक, व्यावसायिक, सरकारी व शैक्षणिक संस्थानों को 10 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर टैक्स जमा कर इस छूट का लाभ उठाएं और अपनी इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि से बचा जा सके।