दैनिक खबरनामा 31 मार्च 2026 चंडीगढ़ में एलपीजी संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने करीब 10 साल बाद एक बार फिर मिट्टी के तेल (केरोसिन) की आपूर्ति शुरू करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब बीपीएल परिवारों को राहत देने के लिए प्रति परिवार तीन लीटर केरोसिन देने की योजना बनाई गई है।प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक शहर में कुल 3.08 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि 83,163 बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जरूरतमंद परिवारों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि सुविधा का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और अनियमित सप्लाई से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन का यह फैसला फिलहाल अस्थायी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
डिपो फिर खोलने की तैयारीकेरोसिन सप्लाई बंद होने के बाद शहर के सात डिपो बंद कर दिए गए थे, जिन्हें अब दोबारा शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा पेट्रोल पंपों के जरिए भी केरोसिन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।29 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पेट्रोल पंपों को 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अनुमति दी गई है और हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसकी इजाजत होगी।पहले चंडीगढ़ को तीन महीने में 276 किलोलीटर केरोसिन मिलता था, जबकि एलपीजी के कम प्रसार के समय यह कोटा 1000 किलोलीटर तक था।गैस संकट के बीच स्टोव की वापसीएलपीजी की कमी के चलते शहर में स्टोव का चलन फिर से बढ़ने लगा है। बाजार में स्टोव की मांग तेजी से बढ़ी है और इसकी कीमतें भी कई गुना तक बढ़ गई हैं। जो स्टोव पहले 300–500 रुपये में मिलते थे, अब 1500–2000 रुपये तक बिक रहे हैं।इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-20 और कॉलोनियों में स्टोव की भारी मांग देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार गैस सिलेंडर की अनियमित सप्लाई के कारण लोग मजबूरी में स्टोव खरीद रहे हैं। खासकर रेहड़ी-फड़ी संचालक, छोटे ढाबा मालिक और बीपीएल परिवार इस विकल्प को अपना रहे हैं।दुकानदारों का कहना है कि स्टोव की सप्लाई पंजाब से हो रही है और स्टॉक आते ही तुरंत खत्म हो जाता है। बढ़ती मांग के चलते कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एलपीजी संकट जल्द नहीं सुलझा, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

चंडीगढ़ में आप को झटका पूर्व मेयर छाबड़ा की पत्नी समेत कई नेता कांग्रेस में शामिल

चंडीगढ़ 23 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव…
Share to :

ट्राईसिटी के अस्पतालों में CBI की रेड: ECHS में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा

चंडीगढ़ 25 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ | ट्राईसिटी में केंद्र सरकार…
Share to :

हिमाचल में बसने जा रहा ‘हिम चंडीगढ़’ ट्राई सिटी को मिलेगा नया विस्तार न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

चंडीगढ़ 7 जनवरी(जगदीश कुमार)हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बद्दी क्षेत्र में प्रस्तावित नए…
Share to :

बिना नंबर प्लेट बाइक चला रहे युवक ने दिखाई ‘एसीपी मामा’ की धौंस, सोशल वर्कर ने बनाई वीडियो

पंजाब 15 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब के जालंधर के सोडल…
Share to :

दैनिक खबरनामा 31 मार्च 2026 चंडीगढ़ में एलपीजी संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने करीब 10 साल बाद एक बार फिर मिट्टी के तेल (केरोसिन) की आपूर्ति शुरू करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब बीपीएल परिवारों को राहत देने के लिए प्रति परिवार तीन लीटर केरोसिन देने की योजना बनाई गई है।प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक शहर में कुल 3.08 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि 83,163 बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जरूरतमंद परिवारों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि सुविधा का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और अनियमित सप्लाई से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन का यह फैसला फिलहाल अस्थायी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
डिपो फिर खोलने की तैयारीकेरोसिन सप्लाई बंद होने के बाद शहर के सात डिपो बंद कर दिए गए थे, जिन्हें अब दोबारा शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा पेट्रोल पंपों के जरिए भी केरोसिन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।29 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पेट्रोल पंपों को 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अनुमति दी गई है और हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसकी इजाजत होगी।पहले चंडीगढ़ को तीन महीने में 276 किलोलीटर केरोसिन मिलता था, जबकि एलपीजी के कम प्रसार के समय यह कोटा 1000 किलोलीटर तक था।गैस संकट के बीच स्टोव की वापसीएलपीजी की कमी के चलते शहर में स्टोव का चलन फिर से बढ़ने लगा है। बाजार में स्टोव की मांग तेजी से बढ़ी है और इसकी कीमतें भी कई गुना तक बढ़ गई हैं। जो स्टोव पहले 300–500 रुपये में मिलते थे, अब 1500–2000 रुपये तक बिक रहे हैं।इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-20 और कॉलोनियों में स्टोव की भारी मांग देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार गैस सिलेंडर की अनियमित सप्लाई के कारण लोग मजबूरी में स्टोव खरीद रहे हैं। खासकर रेहड़ी-फड़ी संचालक, छोटे ढाबा मालिक और बीपीएल परिवार इस विकल्प को अपना रहे हैं।दुकानदारों का कहना है कि स्टोव की सप्लाई पंजाब से हो रही है और स्टॉक आते ही तुरंत खत्म हो जाता है। बढ़ती मांग के चलते कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एलपीजी संकट जल्द नहीं सुलझा, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

अप्रैल में धनास कच्ची कॉलोनी पर चलेगा बुलडोजर, 10 हजार लोगों पर बेघर होने का संकट

चंडीगढ़ 21 फरवरी 2026(जगदीश कुमार ) चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में अवैध…
Share to :

14वीं मिस्टर चंडीगढ़ बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का आयोजन, खिलाड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

चंडीगढ़ 8 मार्च2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ बॉडीबिल्डिंग एंड फिजीक स्पोर्ट्स एसोसिएशन की…
Share to :

सेक्टर-26 में रोज छह घंटे वन-वे से यातायात प्रभावित, ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ के आरोपों के बीच ट्रैफिक पुलिस पर सवाल

चंडीगढ़ 19 फरवरी2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़। शहर के सेक्टर-26 में स्कूल समय…
Share to :

बिक्रम मजीठिया समेत 9 आरोपियों ने चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी से मांगी छूट, भोग समारोह और सुप्रीम कोर्ट पेशी का दिया हवाला

दैनिक खबरनामा 30 मार्च 2026 चंडीगढ़ की जिला अदालत में चल रहे…
Share to :