दैनिक खबरनामा | 5 अगस्त नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली इन दिनों कांवड़ यात्रा की आस्था में पूरी तरह डूबी हुई दिखाई दे रही है। सुबह से लेकर देर शाम तक प्रमुख मार्गों पर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष लगातार सुनाई दे रहे हैं। गौमुख, गंगोत्री और हरिद्वार से गंगाजल लेकर हजारों कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़ और हाथों में भगवा ध्वज लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें राजधानी की सड़कों पर नजर आ रही हैं।
इस समय सबसे अधिक संख्या हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले कांवड़ियों की है। श्रद्धालु अप्सरा बॉर्डर, आनंद विहार, गाजीपुर और सिंधु बॉर्डर के रास्ते लगातार दिल्ली में प्रवेश कर रहे हैं। जीटी रोड, एनएच-24, वजीराबाद रोड, जयपुर हाईवे और नरेला रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थे कई किलोमीटर तक फैले हुए दिखाई दे रहे हैं। यात्रा मार्गों पर डीजे के जरिए शिव भजनों की गूंज श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा रही है।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा लगाए गए 100 से अधिक शिविरों के साथ-साथ सैकड़ों निजी सेवा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में ठंडा पानी, शरबत, दूध, फल, पूड़ी-सब्जी, मिठाई और हल्के नाश्ते की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर चिकित्सकों की टीम प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रही है, जबकि विश्राम के लिए पंडाल और बिस्तरों की भी व्यवस्था की गई है।
दोपहर की तेज गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। कांवड़ यात्रा के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई है। पुलिस और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक लगातार यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं। प्रशासन का अनुमान है कि अगले तीन-चार दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ेगी। 11 अगस्त को जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है।