दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 24 जून 2026. पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए चार कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं। कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष एवं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि कर्मचारियों द्वारा उठाई गई सभी जायज़ मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान वित्त मंत्री ने विभिन्न यूनियनों द्वारा सौंपे गए मांग पत्रों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को पहले से विचाराधीन मामलों की प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर राहत मिलनी चाहिए और अनावश्यक प्रक्रियात्मक देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के कर्मचारियों के योगदान का दिल से सम्मान करती है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की मांगों से जुड़े सभी प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुव्यवस्थित तरीके से कैबिनेट उप-समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के साथ पारदर्शी, सौहार्दपूर्ण और लाभकारी संबंध बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल से प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठकों में कोविड-19 मेडिकल एवं पैरा मेडिकल वालंटियर यूनियन, जल सप्लाई एवं सेनिटेशन सोशल एम्प्लाइज यूनियन, सर्व (समग्रा) शिक्षा अभियान मिड-डे-मील दफ्तरी कर्मचारी यूनियन तथा एसोसिएट प्री-प्राइमरी अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी मांगों से संबंधित मुद्दे उठाए।
इस अवसर पर यूनियनों के प्रतिनिधि कुलदीप सिंह, राजिंदर सिंह संधा, जगमोहन सिंह, राजविंदर सिंह, नवजोत सिंह, अमनदीप कंबोज, गुरप्रीत सिंह सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।